आजादी में नमक का योगदान और गान्धी जी

 

भारत की आजादी मे नमक का योगदान कम नही है : आज झुके चेहरे और हाथ में लाठी लिए बापू का मनमोहक पोट्रेट नमक से तैयार कर चंडीगढ़ के कलाकार ने महात्मा को याद किया : 

     
गान्धी जी का नमक पोट्रेट
Ghandhi जी का नमक पोट्रेट 

आज ही के दिन 2 oct 1869 को महत्मा गान्धी  का जन्म हुआ था उनका बचपन का नाम मोहन दास करम चंद गान्धी था।
 देश की आजादी के लिए साबरमती से नमक सत्याग्रह की शुरुआत करने वाले बापू की 151 वीं जन्म तिथि पर चंडीगढ़ के आर्टिस्ट ने एक अलग रूप से उन्हें याद किया है। शहर के पोट्रेट आर्टिस्ट वरूण टंडन ने महात्मा गांधी का 25 फीट ऊंचा एक पोट्रेट नमक से तैयार किया है।

2 october भरत के दशरे प्रधान-मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म दिन भी है 

इन्होनें भारतीय किसानो के लिये बहुत काम किया था अपने कार्यकाल के दौरान 
लाल बहादूर  शाश्त्री जी ने नारा दिया "जय जबान जय किसान " 

लाल बहादुर शास्त्री: स्वाभिमानी और सादगी पसंद PM, जिनकी अपील पर लोगों ने एक वक्त का खाना छोड़ा

पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान को दिया था करारा जवाब
भारत-पाकिस्तान युद्ध खत्म हुए अभी चार दिन ही हुए थे. बात 26 सितंबर, 1965 की है. प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारों की भीड़ के सामने बोलना शुरू किया. शास्त्री ने तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल मोहम्मद अयूब खान पर तंज कसते हुए कहा, ''सदर अयूब ने कहा था कि वो दिल्ली तक चहलकदमी करते हुए पहुंच जाएंगे. वो इतने बड़े आदमी हैं. मैंने सोचा कि उन्हें दिल्ली तक चलने की तकलीफ क्यों दी जाए. हम ही लाहौर की तरफ बढ़ कर उनका इस्तकबाल करें'' दरअसल, मोहम्मद अयूब ने  5 फीट 2 इंच के कद वाले भारतीय प्रधानमंत्री शास्त्री का एक वर्ष पहले मजाक उड़ाया था. 1965 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना को धूल चटाने के बाद प्रधानमंत्री शास्त्री का रामलीला मैदान में दिया गया भाषण जनरल अयूब को करारा जवाब था.

हम अपने इन महापुरुषो को नमन करते है।
भारत के इतिहास में दो अक्टूबर के दिन का एक खास महत्व है. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह दो अक्टूबर को भी राष्ट्रीय पर्व का दर्जा हासिल है. यह दिन देश की दो महान विभूतियों के जन्मदिन के तौर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था और उनके कार्यों एवं विचारों ने देश की स्वतंत्रता और इसके बाद आजाद भारत को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था. उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे. 1965 के भारत पाक युद्ध के दौरान दिया गया ‘जय जवान जय किसान’ का उनका नारा आज के परिप्रेक्ष्य में भी सटीक और सार्थक है. देश दुनिया के इतिहास में दो अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1836 : प्रकृतिविद् चार्ल्स डारविन अपने अध्ययन से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री एकत्र करके पांच बरस की यात्रा के बाद इंग्लैंड वापस आए.

1869 : मोहनदास करमचंद गांधी का गुजरात के पोरबंदर में जन्म . देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस संत ने अपनी नि:स्वार्थ भावना और हथियार उठाए बिना अंग्रेजों को देश से खदेड़ बाहर किया और ‘महात्मा’ कहलाए.

1904 : लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन. एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही वह अपनी सादगी और जय जवान जय किसान के नारे के साथ जन जन में लोकप्रिय हुए. 1965 के भारत पाक युद्ध के समय उन्होंने साहसिक निर्णय लेकर दुश्मन को मात दी.

1906 : राजा रवि वर्मा का निधन.

1929 : गांधी जी ने नवजीवन कार्यालय को एक सार्वजनिक न्यास बनाया.

1951 : श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जन संघ की स्थापना की.

1952 : सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरूआत.

1955 : मद्रास के पेरंबूर में इंटिग्रल कोच फैक्टरी ने रेल का पहला डिब्बा बनाया.

1961 : बम्बई में शिपिंग कोरपोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना.

1968: मैक्सिको सिटी में होने वाले ओलंपिक खेल शुरू होने से पहले छात्रों का खूनी आंदोलन. पुलिस के साथ संघर्ष में 25 की मौत.

1968: ब्रिटेन की एक महिला ने एक साथ छह बच्चों को जन्म दिया. देश के इतिहास में पहली बार बर्मिंघम की शीला थोर्न्स ने गर्भ की निर्धारित अवधि से दो महीने पहले आपरेशन के जरिए चार लड़कों और दो लड़कियों को जन्म दिया.

1971 : बिरला सदन को भारत के राष्ट्रपति ने देश को समर्पित किया. महात्मा गांधी की हत्या इसी भवन में की गई थी और इसका नाम बदलकर गांधी सदन कर दिया गया.

1985 : दहेज निषेध संशोधन अधिनियम लागू.

1988 : मंडपम और पंबन को जोड़ने वाले समुद्र के ऊपर बने उस समय के सबसे बड़े सड़क पुल को यातायात के लिए खोला गया.

2000 : भारत और रूस के बीच पुराने दोस्ताना संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ते हुए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन चार दिन की यात्रा पर दिल्ली पहुँचे.

2001 - 19 देशों के संगठन नाटो ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के लिए हरी झंडी दी.

2006 - परमाणु ईधन आपूर्ति मामले में दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को समर्थन देने का फैसला किया. 















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